आगे सोहन वाले चल नैना देवी तू बचैया नु पा दे चिठियाँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

पा दे चिठियाँ

साहनु दर ते भुला के शेरावालिये मुरदा वंड दिन मिठियां,

आगे सोहन वाले चल नैना देवी तू बचैया नु पा दे चिठियाँ,

तेरा दर माँ निराला सारे जग तो बचैया नु प्यार करदी,

असि चंगे भावे मंदे महरानिये तू दुःख सब न दे हरदी,

इक पल भी नसीब बदले जो माड़ियाँ लकीर लिखियाँ,

आगे सोहन वाले चल नैना देवी तू बचैया नु पा दे चिठियाँ,

झंडा गोटे वाला दर लेके आवा गए ते चुनी माँ लाल रंग दी,

असि शरधा दे फूल भी चढाउने ने तू सदा सचेया दे मल दी,

कंजका पूजन मैं खुश कर देनेया जो दर ते हेगियां नीकियाँ

आगे सोहन वाले चल नैना देवी तू बचैया नु पा दे चिठियाँ,

चिठ्ठी विकरम नु पाई महरानिये भुलावे दी उडीक रखदा,

गाउँदा सारी रात जागे तेरे नाम दे ते भागता दे नाल नचदा,

काला सेखे वाला नाम रंग रांगेय बाकी सब गलना सिखियाँ,

आगे सोहन वाले चल नैना देवी तू बचैया नु पा दे चिठियाँ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।