जह्नु लाल द्वारा मिल जावे

पारंपरिक
श्री राम भजन बावा लाल दयाल भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जह्नु लाल द्वारा मिल जावे,

ओहनू राम सहारा मिल जांदा,

ओह्दी रुलदी जांदी नाइयाँ न इक रोज किनारा मिल जांदा,

जह्नु लाल द्वारा मिल जावे,

ओह भव सागर विच भटके न ओह मोह ममता विच अटके न ,

ओह गरब जून विच लटके न ओहनू मुक्त द्वारा मिल जनदा ,

जह्नु लाल द्वारा मिल जावे,

ओह खेडन प्रेम दिन गलियां ते जिह्ना शीश टिकाये तलियाँ ते,

ओह कंडे समजन कलियाँ ते जदो ज्ञान बंडारा मिल जांदा,

जह्नु लाल द्वारा मिल जावे,

जेहड़े खबर ता पूरी कर लेंदे ओह ताने म्हणे जर लेंदे,

ओहनू अपने आप दे अंदर ही भरभूर नाजरा मिल जांदा,

जह्नु लाल द्वारा मिल जावे,

ओह दुनिया खुशिया सब जाने ओह महल मालियाँ न सयाने,

ओहनू त्रिलोकी भी खुशिया दा इक अजब नजारा मिल जांदा,

जह्नु लाल द्वारा मिल जावे,

जीहदे लेख लिखे मथे धुर दा ओहनू चाभी मिलदी सतगुरु तो,

ओह मन दा जिंदरा खोल लवे ओहनू प्रेम प्यारा मिल जांदा,

जह्नु लाल द्वारा मिल जावे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।