हम हैं श्याम दीवाने

सौरभ मधुकर
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सावरियां के सेवक हैं हम,

श्याम नाम मस्ताने,

हम हैं श्याम दीवाने,

श्याम सहारा हम भक्तों का,

कोई माने या ना माने,

हम हैं श्याम दीवाने |

हाँथ पकड़ कर भक्तों के ये साथ साथ ही चलता है,

हारे का है साथी सांवरा,सारा ज़माना ये कहता है,

अपने सच्चे प्रेमी को मेरा सांवरिया पहचाने,

हम हैं श्याम दीवाने,हम हैं श्याम दीवाने |

हम भगतों का रोम-रोम बस श्याम श्याम ही बोले,

श्याम नजर आता है हमको जब भी पलकें खोले,

हम पे चढ़ी है श्याम खुमारी,ये दुनिया क्या जाने,

हम हैं श्याम दीवाने,हम हैं श्याम दीवाने |

तू चाहे जिस हाल में रखे,हमको कोई फ़िक्र नहीं,

तेरे रहते हम नहीं डरते,हमपे कोई असर नहीं,

तेरे भरोसे 'सौरभ मधुकर' सोये खूँटी ताने,

हम हैं श्याम दीवाने,हम हैं श्याम दीवाने |

रचयिता - सौरभ मधुकर

भजन गायक - सौरभ मधुकर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।