हाथी घोड़े पालकी जय जय बावा लाल दी

पारंपरिक
श्री राम भजन बावा लाल दयाल भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

हाथी घोड़े पालकी जय जय बावा लाल दी,

तू भी एह्दे नाम दी सारे संकट टाल दी,

हाथी घोड़े पालकी जय जय बावा लाल दी,

बावा लाल दयाल है गुरु न हर सेवक है प्यारा,

दुख दे भव सागर चो कर दिंदे भव थारा,

है रेहमत दा सागर कोई चीज न एह्दे नाल दी,

हाथी घोड़े पालकी जय जय बावा लाल दी,

तर जांदे सेवक ओह गुरु दी सेवा जेहड़े करदे,

सेवा दे विच मस्त ने रेह्न्दे दुनिया तो नहीं डरदे,

राम नाम दी माला सारे दुःख दलीदर टाल दी,

हाथी घोड़े पालकी जय जय बावा लाल दी,

जय सतगुरु दी बोल के तन मन हो ऐ जंदा पावन,

रेहमत दी बारिश बरसे रिम झिम सावन,

महरा दी इक बून्द सारी दुनिया नू है पाल दी,

हाथी घोड़े पालकी जय जय बावा लाल दी,

बावा लाल दे नाम दी धुनि मुक्ति दा दरवाजा,

छड़ के दुनिया दे सब धंदे गुरा दे चरनी आजा,

सूखा दी मिलेगी चाभी इथे हर सवाल दी ,

हाथी घोड़े पालकी जय जय बावा लाल दी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।