मत छेड़ श्याम गलियां में लोगो के खटक जाएगी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मत छेड़ श्याम गलियां में लोगो के खटक जाएगी

चुप चाप दही खिलवा दे ना तो मटकी चटक जायेगी,

मत छेड़ श्याम गलियां में लोगो के खटक जाएगी

गावल बाल सब संग है मेरे मटकी रख जा कह दू तोहे,

घर तेरे दही दूध पड़ा है फिर क्यों मेरी राह खड़ा है,

जान दे पाइयाँ पडू श्याम घर जाने दे पहिया पडू,

मत छेड़ श्याम गलियां में लोगो के खटक जाएगी

सुबह से निकली शाम पड़ी है कल ही मुझको डांट पड़ी है,

क्यों तू इतनी बात बनाये खुद ही अपना वक़्त गवाए,

काहे को देर करे सखी ऋ फिर काहे को देर करे,

मेरी सास खड़े अंगना में मुझे कटोल कर जाएगी,

चुप चाप दही खिलवा दे ना तो मटकी चटक जायेगी,

मत छेड़ श्याम गलियां में लोगो के खटक जाएगी

केवल ये है श्याम की नगरी यहाँ बचे न कोई गगरी,

श्याम तेरी नज़रे है पहनी इन में उजली ज्योति जेनी,

छोड़ दे रस्ता मेरा श्याम अब छोड़ दे रस्ता मेरा,

इक बार जो पकडू काल्हियाँ तेरी बहियाँ झटक जायेगी,

इक मटकी मे तेरी मेरी ये लड़ाई निपट जायेगी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।