ओ मेरे श्याम मुझे छोड़ के ना जाओ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दिल मेरा ऐसा तुम तोड़ के ना जाओ,

ओ मेरे श्याम मुझे छोड़ के ना जाओ,

वादा किया था तूने साथ मैं निभाउ गा

उम्र भर राधे संग जिंदगी बिताऊ गा,

मुझको रुला के मोहन मोड़ के न जाओ,

ओ मेरे श्याम मुझे छोड़ के ना जाओ,

तू जो चला जाएगा तो मैं मर जाओगी,

मरते मरते तुझसे श्याम रिश्ता निभाऊंगी,

ब्रिज से यु नाता अपना तोड के ना जाओ,

ओ मेरे श्याम मुझे छोड़ के ना जाओ,

कहते थे लोग राधे धोखा तू खाये गी,

इस छलियाँ से राधे वच नहीं पाएगी,

झूठी ये बाते उनकी सच न कराओ,

ओ मेरे श्याम मुझे छोड़ के ना जाओ,

ये तो बता दे श्याम कैसे रह पाउंगी,

तेरे बिना ये जीवन कैसे बिताउंगी,

राजीव खदाना कहता प्रीत निभाओ,

ओ मेरे श्याम मुझे छोड़ के ना जाओ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।