कोई तो मिला दो मोहे साँवरे पिया से

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे सँवारे आ जा रे,कान्हा रे आजा रे,

श्याम का ही नाम अब तो नित ले जिया से,

कोई तो मिला दो मोहे सँवारे पिया से,

इक इक पल सोह वर्ष सा गुजाराऊ मैं,

भूले जब से लव तो अपने श्याम को पुकारू मैं,

नींद नहीं आवे डर लागे रतिया से,

कोई तो मिला दो मोहे साँवरे पिया से

आओ मेरे कान्हा कितना सताओ गे,

मर जायगे हम कभी लौट के क्या आओगे,

बड़ी है शकायत मोहे रंग रसियां से,

कोई तो मिला दो मोहे साँवरे पिया से

कुलदीप लिखे गाते भेद और गोपाल है,

आ जाओ मोहन तेरी गोपियाँ बेहाल है,

छवि श्याम की ना होदूर अखियां से

कोई तो मिला दो मोहे साँवरे पिया से

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।