घर घर में वस् रहा है मेरा श्याम खाटू वाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

घर घर में वस् रहा है मेरा श्याम खाटू वाला,

मेरा श्याम वाला मेरा श्याम नीले वाला,

नीला है इस की सवारी हारे का है सहारा,

घर घर में वस् रहा है मेरा श्याम खाटू वाला

जो हार कर है आया उसको दिया सहारा ,

मैं भी हार गया हु मुझको भी दो सहारा है,

घर घर में वस् रहा है मेरा श्याम खाटू वाला

तेरी इक झकल को बाबा हम सब ही है तरस ते,

उस इक झलक ने बाबा मेरी जिंदगी को तारा

घर घर में वस् रहा है मेरा श्याम खाटू वाला

मोह मया के जगत में उलझा हुआ हु बाबा,

मुझे चरणों से लगा लो मेरा श्याम मुरली वाला

घर घर में वस् रहा है मेरा श्याम खाटू वाला

खाटू में जो भी आया उसे रास्ता दिखाया,

तेरी खाटू की ये माटी गाये तेरा वसाना

घर घर में वस् रहा है मेरा श्याम खाटू वाला

विक्की दास तेरा हर शं है तुझको दयाता,

तुलसी को दो सहारा तू हारे का सहारा,

घर घर में वस् रहा है मेरा श्याम खाटू वाला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।