तेरे दर पे मेरे माधव ये शीश झुकाया है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे दर पे मेरे माधव ये शीश झुकाया है,

बाबा हार के आया हु मैं दर दर का सताया हु,

तेरे दर पे मेरे माधव ये शीश झुकाया है,

चौकठ पे गया सबकी हर मंदिर भटका हु,

आखिर तेरे तोरण पर अपना सिर रखता हु,

सुनता हु तेरी रेहमत दिन रात बरस ती है,

बाबा हार के आया हु मैं दर दर का सताया हु,

तेरे दर पे मेरे माधव .....

जिनसे भी उमीदे थी उन सब से रुलाया है,

रो रो कर गम पूछे हस हस का उड़ाया है,

विश्वाश तुझी पर है नैया पार लगानी है,

बाबा हार के आया हु मैं दर दर का सताया हु,

तेरे दर पे मेरे माधव .........

अब आस तुम्ही से है इतवार तुम्ही पे है,

मयूर का सेठ है तू अरदास तुम्ही से है,

अश्को के सागर को घर आ कर समबालो गे,

बाबा हार के आया हु मैं दर दर का सताया हु,

तेरे दर पे मेरे माधव

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।