दर पे खड़ा है तेरे भगत बावरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

घिर आया है जीवन में मेरे कष्टों का तूफान

हाथ पकड़ ले आके मेरा कहीं निकल ना जाये जान

थामो हाथ आके मेरे सांवरिया

दर पे खड़ा है तेरे भगत बावरिया

लाखों की बाबा तूने बिगड़ी बनायीं है

मेरी भी किस्मत तेरे दर पे ले आई है

मैंने सुना है तू हारे का सहारा है

हारे का सहारा बेसहारे का सहारा है

कैसी जादूभरी तेरी नगरिया

दर पे खड़ा है तेरे भगत बावरिया

आँखों में आंसू और पैरों में छले हैं

रूठा क्यों मुझसे मेरे श्याम खाटू वाले है

मेरा जीवन अब तो तेरे हवाले है

मुझसे भी पहले तूने लाखों संभाले हैं

बीत जाये चाहे साड़ी उमरिया

दर पे खड़ा है तेरे भगत बावरिया

शीश का दानी है तू लखदातार है

धीरज बँधाये तू ही करे बेडा पार है

चरणों में तेरे मेरा कुल संसार है

काठ पुतली हूँ में तू ही करतार है

मेरा श्याम देखो सबकी रखता खबरिया

दर पे खड़ा है तेरे भगत बावरिया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।