मेरे श्याम वसे हो मन में मेरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे नाम की माला हर पल सांसे मेरी जप्ती है,

धडकन की आहात में तेरी बंसी की धुन सजती है,

मेरा रोम रोम यही गाये रे बस नाम तो तेरा दोहराए रे,

मेरे श्याम वसे हो मन में मेरे श्याम वसे हो जीवन में,

श्याम तेरा रूप ये कान्हा नैनो में दिन रेन है,

जीवन तेरे नाम है तू ही व्याकुल मन का चैन है,

तुझसे जन्मो का नाता है,

हर धुप से तू ही वचाता है,

मेरे श्याम वसे हो मन में मेरे श्याम वसे हो जीवन में,

सब से प्यारी सब से न्यारी कान्हा तेरी सूरत है,

मोह ले मन को पल भर में एसी तेरी मूरत है,

तूने ही भाग्य सवारा है,

हर पथ मेरा उजियारा है,

मेरे श्याम वसे हो मन में मेरे श्याम वसे हो जीवन में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।