में धनुष बान लेकर चक्र कनेया से लूंगा अब सिमा पर

पारंपरिक
श्री राम भजन देश भक्ति भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मैं धनुष बाण श्री राम से लेकर चक्र कनैया से लूंगा,

अब सीमा पर जाकर मैं दुश्मन से टक्कर लूंगा,

पापा हुए शहीद सुना हे चिंता मत करना मम्मी ,

मेरे होते किसी बात से बिल्कुल तू मत डरना कभी मम्मी,

देश के दुश्मन मार के में पापा का बदला ले लूंगा

अब सीमा पर जाकर..

पापा ने भारत मां की सेवा कर पुण्य कमाया हे,

जो कर्जा था सर पर उनके उसको आज चुकाया हे,

मौका मिला तो देश के लिए मस्तक मैं कटवा दूंगा,

अब सीमा पर जाकर..

बात आज बजरंगबली से सपने में कर ली मम्मी,

बजरंगी नै गोटा देने की हां भी कर ली मम्मी,

दुश्मन के सर गधा से अब मैं चूर चूर कर दूंगा माँ,

अब सीमा पर जाकर..

आज गोलिया और राइफल सुन ले मेरे खिलौने हैं,

सिर पर मेरे हाथ है जिनका वो तो श्याम सलोने हे,

पापा ड्यूटी से जब आना छोटी सी गुड़िया लाना,

ले आना या ना लाना पर पापा जल्दी घर आना

पापा आप हो जान मेरी , जान कहां मैं ढूंढूंगा

मैं धनुष बाण श्री राम से लेकर चक्र कनैया से लूंगा,

अब सीमा पर जाकर मैं दुश्मन से टक्कर लूंगा।

जय श्री राधे कृष्णा

कुलदीप मेनारिया कृष्ण नगर आलाखेड़ी

9799294907

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।