हाथ जोड़ विनती करू

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

हाथ जोड़ विनती करू सुनियो चित लागय

दास आग्यो शरण में रखयो इसकी लाज,

धन्य मरुधर देश है , सालासर नगर सुजान

अनुपम छवि हनुमान की , दर्शन से कल्याण ,

बाबा बाबा में रतु , हनुमान है जीवन प्राण,

बजरंग भक्त जग में बड़े , उनके करू प्रणाम,

सालसर के बीच में , बणियो आपको धाम

चेत पूर्णिमा मेला बरे , जय जय हनुमान ,

चेत सऊदी पूर्णिमा , उत्सव बारी होए ,

बाबा के दरबार से खाली जाए न कोई ,

उमापति लक्मीपति, सीतापति श्रीराम

लजा सबकी रखियो , माँ अंजनी के लाल ,

पान सुपारी इलाइची , इतर सिन्दूर भरपूर

सब भक्तो की प्राथना , दर्शन देवो हज़ूर,

दीवाने तो प्रेम से , धरे तुम्हारा ध्यान

दीवाने पावे सदा , हनुमत कृपा से मान

जय श्री बालाजी

Presents by ...Shyam kirtan

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।