दिल करदा मैं जोगन बन जावा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

माये नी मेरा दिल करदा मैं जोगन बन जावा

श्याम दी सुरत सुरत रब दी

आ पहुंची मैं लब्दी लब्दी

माये नी मेरा दिल करदा श्याम नु वेखी जावा

माये.........

पैरा दे विच घुंघरू पाके

अपने श्याम दी जोगन बनके

माये नी मेरा दिल करदा नच नच श्याम मनावा

माये........

दुनिया दे रिस्ते नाते कचे

मेरे ते श्याम दे रिस्ते पके

माये नी मेरा दिल करदा नच नच श्याम मनावा

माये.........

दुनिया दे हार शिन्गार ने झूठे

दुनिया दे दो सवाद ने झूठे

माये नी मेरा दिल करदा तुलसी दी माला पावा

माये........

क्या करनी तेरी सोने दी बिनदिया

माये नी मेरा दिल करदा चन्दन तिलक लगावा

माये.........

दुनिया ने रेशम वस्त्र दीते

मैं श्याम दे पीतांबर सित्ते

माये नी मेरा दिल करदा पगवा चोला पावा

माये........

क्या करने तेरे महल चबारे

माये नी मेरा दिल करदा वन विच कुटिया पावा

माये........

फुल्ला दी मैं माला बनावा

श्याम नु मैं रोज पहनावा

माये नी मेरा दिल करदा मैं वृंदावन जावा

माये.........

श्याम ता मेरा कंडला वाला

कंडला वाला मुक्तवाला

माये नी मेरा दिल करदा मैं राधा बन जावा

माये.........

मोहन मेरा बंसी बजावे

बंसी बजावे सखिया बुलावे

माये नी मेरा दिल करदा श्याम नाल रासा पावा

माये...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।