ऐसी लगन लगा दे बाबा मैं तेरा बन जाऊ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ऐसी लगन लगा दे बाबा मैं तेरा बन जाऊ,

इस दुनिया को भूल के बाबा मैं तेरे गुण गाउ,

ये दुनिया तो है मतलब की स्वार्थ के सब नाते,

मुख पर हसी सजा कर मिलते पीछे हसी उड़ाते,

ऐसे तो तरहानी सांसे मैं अगर बच जाऊ,

मैं तेरा बन जाऊ,

कौन है अपना कौन पराया आज समज नहीं आये ,

जिसको हम अपना कहते है वो ही गाव लगाए,

इस पीड़ा से मुझे बचालो यही अर्ज लगाओ,

मैं तेरा बन जाऊ,

दास रवि ये कहता मुझको अपनी शरण में लेलो,

भटक रहा हु इस जीवन में चरणों में अपने रखलो,

इतनी किरपा तुम कर तो मैं भव से तर जाऊ,

मैं तेरा बन जाऊ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।