भाई और बहनो का हो स्पेशल ये त्यौहार

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॥ पावन पाठ ॥

भाई और बहनो का हो स्पेशल ये त्यौहार,

हैप्पी रक्शा बंधन,

गेहरा हो आपस में प्यार,

हैप्पी रक्शा बंधन,

बहनो के हाथो से टिका मस्तक पर लगवाओ जी,

राखी हाथो पर बँधवाओ खुभ मिठाई खाओ जी,

पाँव छू कर प्रेम से दो प्यारा सा उपहार,

हैप्पी रक्शा बंधन,

जब तक बहनो से राखी न हाथो में बँधवाओ जी,

वो भुखी प्यासी रेहती है आप भी कुछ न खाओ जी,

मामूली धागा न ये प्रेम का आधार है,

हैप्पी रक्शा बंधन,

लेलो ये सोगन्द बहिन की बात हमेशा मानो गे,

मन में जिसकी रक्शा का संकल्प आज तुम ठानो गे,

करता है मोहित पावन रिश्ते को नमस्कार ,

हैप्पी रक्शा बंधन,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।