धन धन नी भाग आज मेरे

पारंपरिक
माँ गंगा भजन गुरुदेव भजन ganga
॥ पावन पाठ ॥

धन धन नी भाग आज मेरे

सतगुरु आये आज घर मेरे

नी मैं गऊआ दा दुध मंगान्दिया

सत्गुरा नु भोग लगान्दिया

सतगुरु आये आज घर मेरे

धन........

नी मैं फुल गुलाब दा मंगान्दिया

सत्गुरा दे चरनी चढ़ानदिया

सतगुरु आये आज घर मेरे

धन.........

नी मैं गंगा दा जल मँगवानदीया

सत्गुरा दे पैर धुलान्दिया

सतगुरु आये आज घर मेरे

धन.........

नी मैं चन्दन दी चौंकी मंगान्दिया

सत्गुरा नु चौंकी ते बैठानिया

सतगुरु आये आज घर मेरे

धन..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।