मेरे राधारमण बिहारी मैं बलिहार जानी आं

भैया राजू कटारिया मोगा/बरसाना
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे राधा रमण बिहारी में बलिहार जानीं आं

वृंदावन बांके बिहारी में बलिहार जानीं आं

तेरी सूरत प्यारी प्यारी मैं बलिहार जानीं आं

तेरे मोर मुकुट रत्नारे, तेरे नैना बड़े कजरारे,

वन माल पितांबर धारी .. मै बिहार जानीं आं

तेरी चाल बड़ी अलबेली, तेरी हर अदा नखरेली,

राधा वर कृष्ण मुरारी .. मैं बलिहार जानीं आं

जब मुरली मधुर बजावे, होठों से रस बरसावे,

मोहनी मुस्कान तुम्हारी .. मैं बलिहार जानीं आं

तेरी मधुर मनोहर झांकी, लगे 'मधुप' बड़ी बड़भागी,

छटा तीन लोक से न्यारी .. मैं बलिहार जानीं आं

स्वर : भैया राजू कटारिया मोगा/बरसाना

संपर्क : 9 8 1 4 0 6 5 3 2 0

(सर्वाधिकार लेखक आधीन सुरक्षित। भजन में अदला बदली या शब्दों से छेड़-छाड़ करना सख्त वर्जित है)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।