आँख भर आई बाबा मेरे साई

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॥ पावन पाठ ॥

आँख भर आई बाबा मेरे साई,

चरणों में मैंने तेरे अर्जी लगाई,

तू है सहरा सब का मेरे शिरडी वाले,

जीवन किया है मैंने तेरे हवाले,

आस है लगाई बाबा मेरे साई,

चरणों में मैंने तेरे अर्जी लगाई,

आँख भर आई बाबा मेरे साई

दीं दयाला सब का तू ही रखवाला,

साई मेरे तू देता सब को निवाला,

ज्योत है जगाई दर पे तेरे साई,

चरणों में मैंने तेरे अर्जी लगाई,

आँख भर आई बाबा मेरे साई

तुम बिन नहीं है मेरा कोई ठिकाना,

दास हुआ है साई तेरा दीवाना,

भजि शहनाई मन में मेरे साई

चरणों में मैंने तेरे अर्जी लगाई,

आँख भर आई बाबा मेरे साई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।