जय जय हिंदुस्तान हम न भूलेंगे बलदानी

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॥ पावन पाठ ॥

जय जय हिंदुस्तान हम न भूलेंगे बलदानी,

तुम ने इतनी जाने देदी हम को दी है आजादी,

१५ अगस्त जब भी आता हाथ सलूट को उठ जाता,

धन्य धन्य है हिन्दुस्तानी हम न भूलेंगे कुर्बानी,

जिन्दावाद जिन्दावाद हिन्दुस्तान जिन्दावाद ,

देश में दुश्मन कोई देखो फेहराये न कोई झंडा,

बस अपना हिन्दूस्तनी ही लहराए इक तिरंगा,

खुशियों का दिन ख़ुशी मनाओ गदारो की भेट चढ़ाओ,

घर घर में सैनिक बन जो देश के दुश्मन को पकड़ाओ,

अपने भाई है सरहद पे तुम भी अपना फर्ज निभाओ,

जो भी छुपे है देश दरोहि इनपे रखना नजर कोई,

जय जय हिंदुस्तान हम न भूलेंगे बलदानी,

इस आज़ादी की खातिर कितनो ने कुर्बानी दी है,

आजाद हमीद सुभाष भगत कितनो ने जवानी दी है,

अब देखो अपना देश गुलाम न हो पाये,

अब सिंगौर ने कहंदा बात बहना का लहू न बह पाये,

जब अरमा की रक्षा में बेटी तलवारे उठाये,

फिर न कोई झांसी वाली रानी मारी जायेगी,

जय जय हिंदुस्तान हम न भूलेंगे बलदानी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।