मुक्ति का कोई तूँ जतन करले

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॥ पावन पाठ ॥

मुक्ति का कोई तूँ जतन करले रे,

रोज थोड़ा थोड़ा हरी का भजन करले ।

मुक्ति का कोई तूँ ...

भक्ति करेगा तो बड़ा ही सुख पाएगा,

भक्ति से आत्मा का मैल छूट जाएगा ।

आत्मा के साथ साथ मन करले रे,

रोज थोड़ा थोड़ा हरी का भजन करले ॥

मुक्ति का कोई तूँ ...

संगत कर अच्छे लोगों की,

दवा मिल जाएगी सभी रोगों की ।

ज़िंदगी को अपनी चमन करले रे,

रोज थोड़ा थोड़ा हरी का भजन करले ॥

मुक्ति का कोई तूँ ...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।