ऐसा मेरा श्याम है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बगड़ी किस्मत को बनादे ऐसा मेरा श्याम है,

रोते को पल में हसा दे ऐसा मेरा श्याम है,

किस पे कब हो जाए खुश जे जानता कोई नहीं,

फूल पतजड़ में खिला दे ऐसा मेरा श्याम है,

रास्ता मुश्किल हो फिर भी गिरने देता ना कभी,

राहो पे चलना सीखा दे ऐसा मेरा श्याम है,

अपनों से मिलता जो कुंदन भाव इस संसार में,

गाव पे मरहम लगा दे ऐसा मेरा श्याम है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।