दुखड़े निवारण लई ते कष्ट मिटावन लई

पारंपरिक
अन्य भजन बावा लाल दयाल भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

दुखड़े निवारण लई ते कष्ट मिटावन लई,

इस जग ते लेके सतगुरु अवतार आ गाये,

बाबा लाल आ गये

दुखड़े निवारण लई ते कष्ट मिटावन लई,

घोर अँधेरा पापा दा छाया सी देके चानन नूर दूर हटाया सी,

प्रेम दा पाठ पडावन सरकार आ गाये बावा लाल आ गये,

दुखड़े निवारण लई ते कष्ट मिटावन लई,

माघ महीना सोमवार शुभ आया सी ,

शुल्क पकक्ष दिन दूज दा सोहना आया सी,

समेत चोदाहा सो बारे सी जद करतार आ गये बावा लाल आ गये,

दुखड़े निवारण लई ते कष्ट मिटावन लई,

बीच तासुर दे चन दूज दा चड़ेया सी,

पापी कम्भे धर्मियाँ नु जा चड़ेया सी,

धार के रूप इलाही पालनहार आ गये बाबा लाल आ गये,

दुखड़े निवारण लई ते कष्ट मिटावन लई,

भोला मल पिता नु मिलान वदाहियाँ ने,

लोरिया माता कृष्णा ने भी गाइया ने,

वीर चदन नु तरन तारण हार आ गये,

बावा लाल आ गये,

दुखड़े निवारण लई ते कष्ट मिटावन लई,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।