केहनी केहनी थी एक बात तुम से कहो तो आज कह दू सांवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

केहनी केहनी थी एक बात तुम से कहो तो आज कह दू सांवरे,

बदला बदला है सारा जमाना ना बदली तेरी बात सांवरे,

केहनी केहनी थी एक बात तुम से कहो तो आज कह दू सांवरे,

मौसम बदले और बदले है दुनिया के नजारे,

कभी है पतझड़ कभी है सावन कभी है बहारे,

बे भी बाबा बदल गये जो थे कभी हमारे,

केहनी केहनी थी एक बात तुम से कहो तो आज कह दू सांवरे,

तू न बदला मेरे सांवरे तेरी शान वही है,

खाटू वाले दुनिया में तेरी पहचान वही है,

आज भी सब को मिलता तेरे दर पे दान वही है

केहनी केहनी थी एक बात तुम से कहो तो आज कह दू सांवरे,

बनी रहे मेरे श्याम धनी जी सदा ही तेरी शोहरत,

राजू के दिल न कम हो बाबा तेरी महोबत,

राज मेहर को देते रहना अपने प्यार की दौलत,

केहनी केहनी थी एक बात तुम से कहो तो आज कह दू सांवरे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।