बावा लाल जी भरदो झोलीया खाली

पारंपरिक
अन्य भजन बावा लाल दयाल भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बावा लाल जी भरदो झोलीया खाली,

कापेया दी हद मूक जावे जदो वंडे दुनिया दा वाली,

बावा लाल जी भरदो झोलीया खाली,

निगहा तू सवाली वाला हथ रखी सब ते,

सारिया नु देवी मीठे मेवे लाल जग ते,

तेरे दरों दात मिलदी जेहड़ी मिले न जहां विच आली,

बावा लाल जी भरदो झोलीया खाली,

चरना नाल ला ले होके आये हां निमानिया नु,

बक्शी गुन्हा सब नावेया पुरनिया नु,

सब सो आस मूक गई,

तेरे बाद न किते रख वाली,

बावा लाल जी भरदो झोलीया खाली,

करेया ध्यान तेरे दर वल दतेया,

उड़ फ़ूड जावे किते वस् चले दातिया,

लभे मनवीर बिट्टू तेरे रंग दी मथे ते लाली,

बावा लाल जी भरदो झोलीया खाली,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।