इक दो गल्ला आज करनियाँ तेरे नाल बावा लाल

पारंपरिक
अन्य भजन बावा लाल दयाल भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

इक दो गल्ला आज करनियाँ तेरे नाल बावा लाल,

देखि देवी न किधरे मैनु टाल बावा लाल,

इक दो गल्ला आज करनियाँ तेरे नाल बावा लाल,

मेरे वारि क्यों भुलैया छेता बोल बावा लाल,

खिड़ खिड़ हसदा क्यों दूजे बचैया नाल बावा लाल,

इक दो गल्ला आज करनियाँ तेरे नाल बावा लाल,

दे मुरादा तू दो दो हाथा नाल बावा लाल,

पर क्यों मेरा फकीरा वाला हाल बावा लाल,

इक दो गल्ला आज करनियाँ तेरे नाल बावा लाल,

जद भी आये तू बूहे लाये मार बावा लाल,

केहड़ी गल दा एह रोसा मेरे नाल बावा लाल,

इक दो गल्ला आज करनियाँ तेरे नाल बावा लाल,

पूरा कर दे जे जीत दा सावल बाबा लाल,

राहु करजाई फिर मेरा बाल बाल बावा लाल,

इक दो गल्ला आज करनियाँ तेरे नाल बावा लाल,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।