ना थी किस्मत मेरी तूने इतना दिया

सौरभ मधुकर
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ना थी किस्मत मेरी तूने इतना दिया,

है तेरा शुक्रिया.. है तेरा शुक्रिया ||

तेरे चरणों की धूलि मुझे जो मिली,

जैसे अंधेरों में कोई ज्योति जली,

मेरे जीवन को श्याम तूने रौशन किया,

है तेरा शुक्रिया..है तेरा शुक्रिया ||

तेरे नाम से ही मेरी पहचान है,

जो चूका ना सकूँ इतने एहसान है,

तेरे एहसानों का मैं ऋणी हो गया,

है तेरा शुक्रिया..है तेरा शुक्रिया ||

जानु ना कैसे मैं तेरे दर आ गया |

मुझे ऐसा लगा के मैं घर आ गया,

"सौरभ-मधुकर" को श्याम तूने अपना लिया,

है तेरा शुक्रिया..है तेरा शुक्रिया ||

भजन गायक - सौरभ मधुकर

रचयिता - सौरभ मधुकर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।