फूल बंगले की शोभा है न्यारी

श्री केवल कृष्ण 'मधुप' (मधुप हरि जी महाराज)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

फूल बंगले की शोभा है न्यारी,

बैठे सज धज के बांके बिहारी,

शाही गुलाबों से सजा दरबार है,

हर तरफ मोतीऐ का ही शृंगार है,

महक बिखरी खिली है फुलवारी .. बैठे सज धज के

हर कोई कह रहा यह मेरा सांवरा,

राधा रस में हुआ हर कोई बांवरा,

सुद्ध बिसरी चड़ी है खुमारी .. बैठे सज धज के

भक्त नाच रहे साज बाज रहे,

गीत मीत 'मधुप' के हैं गाज रहे

बज रही बांसुरी प्यारी-प्यारी .. बैठे सज धज के

स्वर : भैया राजू कटारिया मोगा/बरसाना

लेखक : श्री केवल कृष्ण 'मधुप' (मधुप हरि जी महाराज)

संपर्क 98140 65320

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।