खुशियाँ दा दिन है आया बावा लाल भाग लाया

पारंपरिक
अन्य भजन बावा लाल दयाल भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

खुशियाँ दा दिन है आया बावा लाल भाग लाया,

होई मुराद पूरी मुहो मंगिया फल है पाया,

खुशियाँ दा दिन है आया बावा लाल भाग लाया

दुखिया दे दुखड़े एह ता सतगुरु मिटा देवे,

कर दे आशा पूरी जो दवार तेरे आया,

खुशियाँ दा दिन है आया बावा लाल भाग लाया

इस दर ते आके झुक्दे कई राजे हैराने,

एह सेल मेरे दिल च ऐहदा नाम है समाया,

खुशियाँ दा दिन है आया बावा लाल भाग लाया,

दुनिया च एह्दे ने चेले मुर्दे ने जिन्दा किते,

फर्याद सुन के माँ दी ओहदा बचडा सी जिमाया,

खुशियाँ दा दिन है आया बावा लाल भाग लाया

किती मुराद पूरी मेरे निमाणी दी है,

भुला नाल नाम मैं ऐहडा सब कुछ एह्दे तो पाया,

खुशियाँ दा दिन है आया बावा लाल भाग लाया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।