जे तू भुलावे आइये नंगे पैर वे

पारंपरिक
अन्य भजन बावा लाल दयाल भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जे तू भुलावे आइये नंगे पैर वे,

आया नहियो जंदा तेरे हुकम बगैर वे,

जे तू भुलावे आइये नंगे पैर वे,

तेरे हाथ डोर सईया सारे संसार दी,

तेरी मर्जी ही दाता डोब दी ते तार दी,

तुहियो करे शाम ते सवेर ते दुपहर वे,

आया नहियो जंदा तेरे हुकम बगैर वे,

सब न लई चैन ते करार तेतो मंगना,

सब न लाई प्यार बेशुमार तेतो मंगना,

मंगनी मैं सारिया लाई दाता तथा खैर वे,

आया नहियो जंदा तेरे हुकम बगैर वे,

साढ़े वालो भूल कोई होइ तेरी सार दे,

दर ते भुला के छड़े मेहरा वाले मार दे,

कोई भी नहीं अपना जे तू हो जावे गैर वे,

आया नहियो जंदा तेरे हुकम बगैर वे,

तेरा जे दीदार साहनु मिल जावे मालका,

दिल दा गुलाब खिल खिल जावे मालका,

धरती ते टिकने न फिर साहिल दे पैर वे,

आया नहियो जंदा तेरे हुकम बगैर वे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।