जय बाला जी की बोल

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सब अला बला ये मिटावेगो थारे बेड़ो पार लगावे गो,

जय बाला जी की बोल पशा,

थारी बिगड़ी बात बनावेगो संकट ये दूर भगावे गो,

जय बाला जी की बोल पशा,

मेरा बाला जी सब से निराला धाम मेहँदी पुर है इसका आला,

लगे जब जब इसकी कचेहरी इसने भूतो का दम है निकला.

सोटा इसका तो चलता है ऐसा नहीं रखवाला कोई इनके जैसा,

ये सब को ये सब को भुत भगावे गो,थारे बेड़ो पार लगावे गो,

जय बाला जी की बोल पशा....

नाम बाला जी का मन में वसा ले ज्योत सच्ची तू प्रेम से जगा ले,

जपले तू मुझसे सदा बजरंगी नाही घाटा हो गिरतांगी,

किरपा सब पे है ऐसी ये करते झोली रज रज के भक्तो की भरते,

तोहे पल में सेठ बनावे गो बल्ले बल्ले कर जावेगो,

जय बाला जी की बोल पशा

आजा अपनी तू अर्जी लगा ले हाल दिल का बाला जी को सुना ले,

सबकी सुनता है मेहंदीपुर वाला बस कदमो में सिर को झुका ले,

जो भी दिन रात इनको सुमिर ता मौज करता न संकट से डरता,

तेरे सारे काम बना देगो तेरा सोया भाग जगावे गो,

जय बाला जी की बोल पशा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।