बोलो बम बम बोल बम बम

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

नाथ से मिला दो भोले नाथ से मिला दो,

भर के गांजा चिलम में मारो दमा दम,

बोलो बम बम बोल बम बम ,

अपने भोले की धुन में साधू रहते मस्ती में,

बैठे रहते है सन्यासी काल कपाल की कश्ती में,

आसमान को घर है माना भोले बम बम,

बोलो बम बम बोल बम बम ,

बाबा तो है सारे जग को चलाता,

उन में जो रम ता है सब कुछ पाता,

शिवा तू सब कुछ जानता है सब को दिखता भोले रास्ता है,

तुझको तेरे सारे भक्त है भुलाते कुंभ के इशनान में भोला है मिलने आते,

जाने कितने रूप बदल कर अपनों से है मिलते लाखो धर्म कर्म को करते साधु जन्म को पाते,

रचा वसा है कण कण में वो ध्यान लगाए कब से,

जब से बना नहीं संसारा बैठा है वो तब से.,

बिता जाये हर पल अपना समय बचा है कम ,

बोलो बम बम बोल बम बम ,

बड़ा सरल है भोले बाबा राह कठिन है चले में,

जब से मिला है जीवन अपना बिता रहा है पड़ने में,

खुद सोया है सब जग जागा लगा दे सारे दम,

बोलो बम बम बोल बम बम ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।