सब किरपा की बात है

पारंपरिक
हनुमान जी भजन खाटू श्याम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सब किरपा की बात है,

किस किस को यह क्या मिलेगा ये श्याम के हाथ है,

सब किरपा की बात है,

किरपा से ही हनुमान जी पहाड़ उठा कर लाये थे,

धरु भक्त ने किरपा से विष्णु के दर्शन पाए थे,

सब कुछ करते श्याम प्यारे मेरी औकात क्या है,

सब किरपा की बात है,

किरपा से प्रलाह्द भक्त ने नारायण को पाया था,

किरपा से माँ मीरा जी ने कान्हा जी को भुलाया था,

किरपा से सुदामा के सुधेरे हालात है,

सब किरपा की बात है,

किरपा से ही मरते वक़्त रावण ने राम का नाम लिया,

किरपा से शिव शंकर ने दुनिया की खातिर विष था पिया,

किरपा से ही आनंद की होती वरसात है

सब किरपा की बात है,

हर ग्यारस को किरपा से ही हम सब खाटू जाते है,

किरपा से ही सभी प्रेमी श्याम के दर्शन पाते है,

रव दास कहे किरपा से हमारी हुई मुलाक़ात है,

सब किरपा की बात है

किरपा से ही ध्यानु भक्त ने जग में नाम कमाया था,

माँ जगदम्बे के चरणों में काट के शीश चङाया था,

अमित धूल के किरपा से सुधेरे हालात है,

सब किरपा की बात है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।