तेरे चरणों में हम अपनी श्रदा के फूल चढ़ायेगे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तेरे चरणों में हम अपनी श्रदा के फूल चढ़ायेगे,

जब तक है सांसे इस तन में हम तेरा ही गुण गाये गे,

तूने तो हम को बहुत दिया भर दी तूने झोली खाली,

जीवन की बगियाँ महका दी रखवाली की बन कर माली,

रखी न कोई तूने कमी हर सुख को तूने पाया है,

जीवन है मेरा बदल गया तूने जब से अपनाया है,

तेरे चरणों में हम अपनी श्रदा के फूल चढ़ायेगे,

भगवान और भक्त का दुनिया में रिश्ता तो बड़ा ही न्यारा है ,

जो शरण तुम्हारी आता है बाबा वो तुझको प्यारा है,

भण्डार तेरा है बहुत बड़ा कुछ प्यार हमे भी देदो तुम,

फिर और न कुछ मैं मांगू गा हमे अपनी शरण में लेलो तुम,

तेरे चरणों में हम अपनी श्रदा के फूल चढ़ायेगे,

तेरे ही भरोसे जीते है लेते बस नाम तुम्हरा है,

चरणों की सेवा सौंपी है ये भी उपकार तुम्हारा है,

ईशा है हमारी इक यही के दर्श तुम्हारा पाएंगे,

सिर हाथ फिरदो हे बाबा हम भव सागर तर जायेगे,

तेरे चरणों में हम अपनी श्रदा के फूल चढ़ायेगे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।