तेरी किरपा से सँवारे सब कुछ है मैंने पा लिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरी किरपा से सँवारे सब कुछ है मैंने पा लिया,

जब से मिला है दर तेरा जीना है मुझको आ गया,

तेरी किरपा से सँवारे सब कुछ है मैंने पा लिया,

मैं तो गमो की धुप में बेखौफ चल रहा,

पल पल में मेरा संवारा किस्मत बदल रहा,

तेरी किरपा ने सँवारे मेरा हर डर मिटा दियां

तेरी किरपा से सँवारे सब कुछ है मैंने पा लिया,

मैंने तो अपनी जीवन नइयां करदी तेरे हवाले,

अब तो है तेरी मर्जी तू दोबरा पार लगा दे,

मेरा खोया भरोसा तूने पल में जगा दियां,

तेरी किरपा से सँवारे सब कुछ है मैंने पा लिया,

मैंने तो जब भी सँवारे तुम को है पुकारा,

आके मेरे सामने मुझको दियां सहारा,

मेरे उदास को मन को तूने पल में हसा दियां,

तेरी किरपा से सँवारे सब कुछ है मैंने पा लिया,

आँखों में आंसू भगतो के नहीं देखता बिहारी,

भगतो का मान रखते है मेरे मोहन बिहारी,

मैंने तो श्याम चरणों में मन को लगा लिया,

तेरी किरपा से सँवारे सब कुछ है मैंने पा लिया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।