जो शिव नाम होठो पे चढ़ गयो रे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जो शिव नाम होठो पे चढ़ गयो रे,

तो समजो ये जीवन सवर गयो रे,

मन में वसा ले तू शिव का शिवाला,

साथ चलेगा तेरे डमरू वाला,

जो मन शिव की भगति में रम गाइयो रे,

तो समजो ये जीवन सवर गयो रे,

जग की ये माया बड़ी उलजावे,

पाप कर्म भगति के आड़े आवे,

जो शिव ने हाथ सिर पे धर दियो रे,

तो समजो ये जीवन सवर गयो रे,

बम बम बासुकी का नाम बड़ा प्यारा,

नाम ने लाखो को पार उतारा,

जो भोले नाथ ने हाथ पकड़ लियो रे,

तो समजो ये जीवन सवर गयो रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।