भोला नाचे डी जे पे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोला नाचे या भोली नाचे

आके डी जे पे कावड़ियों की टोली नाचे

हरिद्वार ते कावड़ ठाई बोल रहे बम बम

पचिम यूपी नाचे भूले सभी चिलम में गम

भंगिया नाचे भंगोड़ी नाचे

आके डी जे पे कावड़ियों की टोली नाचे

दिल्ली के दिलवाले नाचे भारत की राजधानी

मटक मटक के चटक चटक के नाचे राजस्थानी

भूत नाचे अघोरी नाचे

आके डी जे पे कावड़ियों की टोली नाचे

सोनीपत पानीपत नाचे पाड रहे से चाला

रोहतक झज्जर वाले नाचे पहर पहर के माला

खोज नाचे भोले की फौज नाचे

आके डी जे पे यो कावड़ीयों की टोली नाचे

इतना नाचे फूट गए जो पड़े पांव में छाले

भूलन और हरीश कहे भोले के खेल निराले

जोड़ा नाचे और जोड़ी नाचे

आके डी जे पे यो कावड़ीयों की टोली नाचे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।