काली कमली वाले का क्या कहना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांवरी सूरत जो निराली है

चाल टेडी बड़ी मतवाली है

उनकी बाकी अदा का हर कोई दीवाना है

छवि तन मन को हरने वाली है

काली कमली वाले का क्या कहना

यमुना पर रास रचाते हैं

होटो पर लगी मुरली प्यारी

खुद नाचे और नचाते हैं

काली कमली वाले का क्या कहना

मोर पँखो का मुकुट शीश पर सजाया है

कटीले नैनो ने भी दिल पर सितम ढाया है

श्याम ने जिसका दिल एक बार भी चुराया है

किया वापस नहीं वो अपना ही बनाया है

काली कमली वाले का क्या कहना

प्यारे कानों में उनके कुंडल झिलमिलाते हैं

चमक से अपनी चंद्रमा को भी लजाते हैं

गले में सांवरिया के वैजयंती माला है

राधा के मन को भाए रूप यह निराला है

काली कमली वाले का क्या कहना

हर एक गोपी मेरे मनमोहना की कायल है

उनकी बांकी अदा पर दिल सभी का घायल है

श्याम की मुरली बाजे राधा जी की पायल है

उनकी दीवानगी पर भूलन हुआ पागल है

काली कमली वाले का क्या कहना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।