चलो रे भाई जल को चढ़ाने भोले के दरबार में

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हर हर बम बम गूंज रहा है अब सारे संसार में,

चलो रे भाई जल को चढ़ाने भोले के दरबार में,

बड़े दयालु बाबा हमारे कष्ट सभी वो हर लेंगे,

सच्चे दिल से याद करो बाबा भंडारे भर लेंगे,

झूम रहे है देखो कावड़िया दी जे झंकार में,

चलो रे भाई जल को चढ़ाने भोले के दरबार में,

सभी डगर है मगर न देखो पैरो के तुम छालो को,

जीवन अपना सौंप दो सारा बाबा डमरू वाले को,

सच्चा नाम है शिव शम्भू का इस सारे संसार में,

चलो रे भाई जल को चढ़ाने भोले के दरबार में,

निकल पड़े है सारे कावड़ियाँ लेकर कावड़ हाथ में,

खा कर बाबा की भुटटी सब झूम रहे है साथ में,

डूभ गए है हम भी तो अब भोले जी के प्यार में,

चलो रे भाई जल को चढ़ाने भोले के दरबार में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।