बिगड़ी किस्मत को बनाना शिव भोले का काम है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बिगड़ी किस्मत को बनाना शिव भोले का काम है,

रोते को पल में हसाना शिव भोले का काम है,

किस पे कब खुश होंगे भोले जानता कोई नहीं,

फूल पट झड़ में खिलाना शिव भोले का काम है,

बिगड़ी किस्मत को बनाना शिव भोले का काम है,

रास्ता मुश्किल हो कितना गिरने देते है नहीं,

रही पे चलना सीखना शिव भोले का काम है,

बिगड़ी किस्मत को बनाना शिव भोले का काम है,

शिव की किरपा नित बरसे बंदे इस संसार में,

देविंदर को अपना बनाना शिव भोले का काम है,

बिगड़ी किस्मत को बनाना शिव भोले का काम है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।