देवो मे है देव निराला लीला अप्रम पार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

शीश निभाती जिसको दुनिया करती जय जय कार,

देवो मे है देव निराला लीला अप्रम पार,

वो है श्याम धनि सरकार मेरा श्याम धनि सरकार,

श्रीकर में है मंदिर पावन खाटू धाम कहलाये,

लाखो सवाली आते है यह पर श्याम की ज्योत जलाये,

नाच रहे है सब भगति में पाकर ख़ुशी अपार,

कोई कहे हारे का सहारा कोई लखदातर,

वो है श्याम धनि सरकार मेरा श्याम धनि सरकार,

गल वैजन्ती माल विराजे मोरछड़ी लहराये,

जिसका झाड़ा लग जाए तो पल में दुःख मिट जाए,

किये करिश्मे मोर छड़ी ने जाने सब संसार,

कोई कहे हारे का सहारा कोई लखदातर,

वो है श्याम धनि सरकार मेरा श्याम धनि सरकार,

श्याम कुंड में जो भी नहाते पाप सभी कट जाते,

फागुन मेला लगता भारी दर्श भक्त जन पाते ,

लीले वाले के नाम की शक्ति है बड़ी अपार,

कोई कहे हारे का सहारा कोई लखदातर,

वो है श्याम धनि सरकार मेरा श्याम धनि सरकार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।