बाबा अपना बना लो मुझे मेरे दिल की तमना है

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॥ पावन पाठ ॥

बाबा अपना बना लो मुझे मेरे दिल की तमना है,

साई दिल में वसा लो मुझको मेरे दिल की तमना है

मेरे खाव्ब ख्यालो में तुम हो मेरे दिल के सवालों में तुम हो,

धड़कन में वसा लो मुझको मेरे दिल की तमना है,

बाबा अपना बना लो मुझे मेरे दिल की तमना है,

जो दर पे तुम्हारे आया अरमान जो दिल में लाया,

अरमान ये दिल लाया,

सांसो में वसा लो मुझको मेरे दिल की तमाना है,

बाबा अपना बना लो मुझे मेरे दिल की तमना है,

कोई कसम भी लेलो हमसे अब चैन करार है तुमसे,

बाबा अपना बना लो मुझको मेरे दिल की तमना है,

बाबा अपना बना लो मुझे मेरे दिल की तमना है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।