भोले से जो प्रीत बढ़ाये सदा ही सुख पाये

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले से जो प्रीत बढ़ाये सदा ही सुख पाये,

के पग पग राह दिखाए बाबा का प्यार दुलार,

भोले की है महिमा पार पूज रहा इन्हे संसार,

जो भी गुण गाये करे जय जय कार,

चरणों की सेवा पाये सदा ही मुस्काये,

के पग पग राह दिखाए बाबा का प्यार दुलार,

जिसके भी है मन में लगन करता है सदा जो सुमिरन,

हिरध्ये में रहते है बाबा हर दम,

जो भोले की ज्योत जगाये प्रभु की किरपा पाये,

के पग पग राह दिखाए बाबा का प्यार दुलार,

साँसों के अपने ये तार बाबा से जो होता भव पार,

भगतो की अर्जी बाबा से बारम बार,

वो हम पे प्यार लुटाये और दर्श दिखाये

के पग पग राह दिखाए बाबा का प्यार दुलार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।