भगत बुलावे मत ना नाटो म्हारा श्याम जी

सौरभ मधुकर
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भगत बुलावे मत ना नाटो म्हारा श्याम जी

टाबरां रै कानी इकबर..बालकां रै कानी इकबर झांको म्हारा श्याम जी,

भगत बुलावे मत ना नाटो म्हारा श्याम जी,

बालक बुलावे मत ना नाटो म्हारा श्याम जी

घुड़लो थारो चुप-चुप बैठ्यो ऊब जावेलो,

थोड़ो सा चलावोला तो वो भी झूम जावेलो,

नीले लीले घोड़लिए नै हांको म्हारा श्याम जी,

भगत बुलावे मत ना नाटो म्हारा श्याम जी

बालक बुलावे मत ना नाटो म्हारा श्याम जी

टूटे ना भरोसो बाबा,आनो थाने पड़सी,

बालकां नै कालजे लगाणो थाने पड़सी,

मत ना करो मनड़े नै खाटों म्हारा श्याम जी,

भगत बुलावे मत ना नाटो म्हारा श्याम जी

बालक बुलावे मत ना नाटो म्हारा श्याम जी

जीवड़ो उमड़्यो आवे म्हारो जइयां सावन भादवो,

शुभम-रूपम नै बाबा एक थारो आसरो ,

अठिने-बठिने मत ना ताको म्हारा श्याम जी,

भगत बुलावे मत ना नाटो म्हारा श्याम जी,

बालक बुलावे मत ना नाटो म्हारा श्याम जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।