मूरख बंदे क्या है जग में तेरा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मूरख बंदे क्या है जग में तेरा,

ये तो सब झूठा सपना है कुछ तेरा न मेरा,

मूरख बंदे क्या है जग में तेरा,

कितनी ही माया जोड़ ले कितने ही महल बना ले,

अरे तेरे मरने के बाद सुन तेरे ये घर वाले,

दो गज कफ़न उड़ा के तुझको छीन लेंगे तेरा डेरा,

मूरख बंदे क्या है जग में तेरा,

कोठी बंगला कार देख तू क्यों इतना इतराता है,

पत्नी और बचो के बीच में फुला नहीं समाता है,

चार दिनों की चांदनी है ये फिर आएगा अँधेरा,

मूरख बंदे क्या है जग में तेरा,

मूरख अपनी मुक्ति का तू जल्दी कर उपाये,

अरे किसी दिन तेरी कड़ी तेरी बाह पकड़ ले जाये,

तेरे साथ में घूम रहा है बन कर काल लुटेरा,

मूरख बंदे क्या है जग में तेरा,

पाप कमाया तूने बहुत अब थोड़ा कर्म कमा ले,

कुछ तो समय अजमेरियाँ राम नाम गुण गा ले,

राम नाम से मिट जाएगा जन्म मरण का फेरा,

मूरख बंदे क्या है जग में तेरा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।