मेले दियां आ गियां तरीका शेरावालिये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नैना नु ता लगियाँ उडीका शेरावालिये,

मेले दियां आ गियां तरीका शेरावालिये,

कई आउंदे बसा उते कई ने ट्रक ते,

कई बहन्दे सीटा उते कई बहन्दे शत ते,

कई आउंदे कड दे लीका शेरावालिये,

मेले दियां आ गियां तरीका शेरावालिये,

कई आउंदे चढ़ के चढ़ाइया शेरावालिये,

कइया ने ता मुंडला करवाईयाँ शेरावालिये,

जिह्ना नु तू बक्से तौफ़ीका शेरावालिये,

मेले दियां आ गियां तरीका शेरावालिये,

तेरिया ही भेटा तेरा गाउँदा है सलीम माँ,

शाहकोटी साफ़ जी तो लेके तालीफ़ माँ,

तेरिया ही करदा तरीफा शेरावालिये,

मेले दियां आ गियां तरीका शेरावालिये,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।