दानी बड़ा हे भोले नाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

दानी बड़ा हे भोले नाथ पूरी करे मन की मुराद देख ले मांग के मांग के,

तेरा बिगड़ा मुकदर स्वर जाएगा तेरा दामन भी खुशियों से भर जाएगा,

दीं दयालु कहे इसको ज़माना काम है इसका किस्मत जगाना,

भोले के दर पे जिसने अर्जी लगाई है,

हाथो ही हाथ हुई उसकी सुनाई है देख ले मांग के मांग के,

तेरा बिगड़ा मुकदर स्वर जाएगा तेरा दामन भी खुशियों से भर जाएगा,

देवो का देव तीनो लोको का स्वामी देखो दात्री हुई दुनिया दीवानी,

राजा बनाये पल भर में भिखारी को,

दर पे निहाल बोले अपने पुजारी को देख ले मांग के मांग के,

तेरा बिगड़ा मुकदर स्वर जाएगा तेरा दामन भी खुशियों से भर जाएगा,

बोला बाला दिल इसका बड़ा है देखे कभी न कौन लेने खड़ा है,

रावण को सोने की लंका दे डाली सोनू लुटाया कही किस को भी खाली,

देख ले मांग के मांग के,

तेरा बिगड़ा मुकदर स्वर जाएगा तेरा दामन भी खुशियों से भर जाएगा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।