सुनो कौन कौन आया गंगा किनारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन दुर्गा भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गंगा को करे गंदा जितने कुल हमारे तारे,

सुनो कौन कौन आया गंगा किनारा,

त्रेता में श्री राम जी आये सीता को गंगा से मिलाये,

देख श्री राम चरण गंगा पखारे,

सुनो कौन कौन आया गंगा किनारे,

गंगा युमना दो बहने प्यारी,

द्वापर आये कृष्ण मुरारी,

बैठ यमुना तट राधा श्याम को निहारे,

सुनो कौन कौन आया गंगा किनारे,

गंगा तट पंडित जी विराजे,

माथे तिलक गल जनेऊ साजे,

अष्ट बहा के मुंडन लोग है कराते,

सुनो कौन कौन आया गंगा किनारे,

गंगा तट कावड़िया आये,

बम बम के जय कारे लगाये,

काँधे लेके गंगा जल निकल पड़े है सारे,

सुनो कौन कौन आया गंगा किनारे,

छूके चरण हमे विष्णु बनाये

शीश विराज महादेव कहाये,

लेके जल कमंगल में बने ब्रह्मा सारे,

सुनो कौन कौन आया गंगा किनारे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।