द्वारे कावड़ उठा के जाना है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सावन का महीना आया है द्वारे कावड़ उठा के जाना है,

भक्तो शिव जी के दर्शन को,

सावन का महीना आया है द्वारे कावड़ उठा के जाना है,

सावन में शिव जी खुश रहते सब भक्तो के दुखड़े दूर करते,

मौसम भी सूंदर लगता है भोले नाथ की पूजा होये भगतो,

सुन लो दिल से करना है,

सावन का महीना आया है द्वारे कावड़ उठा के जाना है,

देवो के देवा देव है ये सब के कष्टों को हर लेते है,

चारो तीर्थ और चारो धाम शिव जी के शरण में मिलते है,

ो भक्तो होगा कल्याण सबका,

गंगा के किनारे मंदिर में भक्तो जल भर के लाना है कावड़ियों को,

शुद्ध जल चढ़ाना है,

इनको सच्ची लग्न से पूजे कोई,

मन चाहा वर मिल जाता है,

सब पापो से मुक्ति मिलती है शिव सब पे किरपा करते है,

भक्तो हर हर बम बोलो,

सावन का महीना आया है द्वारे कावड़ उठा के जाना है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।