रंग डालो ना बीच बाजार श्याम

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रंग डालो ना बीच बाजार श्याम मैं तो मर जाऊंगी

मैं तो लुट गई बीच बाजार रसिया होली में

मैं हु गुजरिया ऊचे घरन की

तु तो गोकुल को है ग्वाल रसिया होली में

रंग........

भर पिचकारी मेरे माथे पे मारी

मैं तो हो गई लालो लाल रसिया होली में

रंग........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।